उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज एक बार फिर तेजी से बदल गया है। फरवरी महीने की शुरुआत में हुई हल्की बूंदाबांदी और पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के गुजरने के बाद अब राज्य में पहाड़ों से आ रही बर्फीली पछुआ हवाओं ने दस्तक दे दी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में तेज ठंडी हवाओं (Heavy Cold Winds) का अलर्ट जारी किया है। इसके चलते आने वाले तीन दिनों में कड़ाके की ठंड और गलन बढ़ने की पूरी संभावना है।
सुबह-शाम ठिठुरन, दोपहर में राहत
वर्तमान स्थिति की बात करें तो यूपी के अधिकांश जिलों में 'दोहरा मौसम' देखने को मिल रहा है। सुबह के समय घना कोहरा और ठंडी हवाएं लोगों को ठिठुरने पर मजबूर कर रही हैं, वहीं दोपहर में चटख धूप निकलने से थोड़ी राहत मिल रही है। हालांकि, मौसम विभाग का कहना है कि यह राहत क्षणिक है, क्योंकि 15 से 25 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली पछुआ हवाएं धूप के असर को कम कर रही हैं।
1. पछुआ हवाओं का तांडव: 3 दिन तक बढ़ेगी गलन
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, हिमालयी क्षेत्रों में हाल ही में हुई बर्फबारी के बाद वहां से आने वाली ठंडी हवाएं अब मैदानी इलाकों का रुख कर रही हैं।
हवा की गति: प्रदेश के पश्चिमी और मध्य भागों में हवा की रफ्तार 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटा तक जा सकती है।
गलन का असर: इन हवाओं के कारण वायुमंडल में नमी कम होगी और 'विंड चिल फैक्टर' की वजह से तापमान सामान्य होने के बावजूद शरीर को अधिक ठंड महसूस होगी।
तापमान में गिरावट: अगले 48 से 72 घंटों में न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की और गिरावट दर्ज की जा सकती है।
2. प्रमुख शहरों का हाल (अनुमानित तापमान)
शहर अधिकतम तापमान न्यूनतम तापमान मौसम की स्थिति
लखनऊ 24°C 10°C तेज हवाएं और सुबह कोहरा
नोएडा/गाजियाबाद 22°C 09°C शीत लहर जैसी स्थिति
कानपुर 23°C 11°C गलन भरी सर्दी
वाराणसी 25°C 12°C सुबह-शाम अत्यधिक ठंड
मेरठ 21°C 08°C
3. कोहरे का कोहराम और यातायात पर असर
भले ही बारिश थम गई हो, लेकिन नमी और गिरते तापमान के कारण घने कोहरे (Dense Fog) की वापसी हुई है। खासकर तराई वाले इलाकों और पश्चिमी यूपी के जिलों (जैसे आगरा, बरेली, मुरादाबाद) में विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम रहने की संभावना है।
रेलवे और हवाई सेवा: कोहरे के कारण लंबी दूरी की ट्रेनें अपने निर्धारित समय से देरी से चल रही हैं। प्रशासन ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे घर से निकलने से पहले स्टेटस जरूर चेक करें।
सड़क सुरक्षा: एक्सप्रेसवे पर चलने वाले वाहनों के लिए एडवाइजरी जारी की गई है कि वे फॉग लाइट का प्रयोग करें और गति सीमा का पालन करें।
4. खेती और स्वास्थ्य पर प्रभाव
लगातार बदलते मौसम का असर स्वास्थ्य और कृषि दोनों पर पड़ रहा है।
स्वास्थ्य: डॉक्टरों का कहना है कि इस मौसम में हृदय रोगियों और सांस के मरीजों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। अचानक तापमान गिरने से वायरल इन्फेक्शन और सर्दी-जुकाम का खतरा बढ़ गया है।
खेती: कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, यह ठंड गेहूं की फसल के लिए तो फायदेमंद है, लेकिन सरसों और आम के बौर के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे पाले से बचाव के लिए हल्की सिंचाई का सहारा लें।
भविष्य का अनुमान: क्या फिर होगी बारिश?
IMD के ताजा बुलेटिन के अनुसार, एक और नया पश्चिमी विक्षोभ 8 फरवरी की रात से सक्रिय हो सकता है। इसके प्रभाव से 9 और 10 फरवरी को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में फिर से बादल छा सकते हैं और कहीं-कहीं बूंदाबांदी हो सकती है। तब तक उत्तर प्रदेश वासियों को इन बर्फीली हवाओं का सामना करना पड़ेगा।
मुख्य बिंदु: यूपी में फिलहाल अगले 72 घंटे भारी रहने वाले हैं। दोपहर की धूप के भरोसे न रहें, क्योंकि शाम ढलते ही पारा तेजी से गिरेगा।