फ़रीदाबाद में 'व्हाइट-कॉलर टेरर मॉड्यूल' का भंडाफोड़: 2900 किलो विस्फोटक बरामद, डॉक्टर गिरफ्तार

कश्मीर, हरियाणा और UP तक फैला आतंकी नेटवर्क; रेड फोर्ट ब्लास्ट से जुड़े तार
 
Delhi

Delhi Bomb Blast News : जम्मू-कश्मीर (J&K) और हरियाणा पुलिस के एक संयुक्त अभियान में फ़रीदाबाद के धौज और फ़तेहपुर तागा गांवों से एक बड़ी आतंकी साज़िश का भंडाफोड़ हुआ है। इस कार्रवाई में एक कश्मीरी डॉक्टर समेत 8 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है और उनके किराए के कमरों से लगभग 2,900 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री और भारी मात्रा में हथियार बरामद किए गए हैं।

​मुख्य आरोपी एक डॉक्टर, यूनिवर्सिटी से संबंध
​मुख्य आरोपी की पहचान डॉ. मुज़म्मिल शकील (35) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से जम्मू-कश्मीर के पुलवामा का निवासी है और फ़रीदाबाद स्थित अल-फ़लाह विश्वविद्यालय (Al-Falah University) में चिकित्सक के रूप में कार्यरत था। पुलिस के अनुसार, डॉ. मुज़म्मिल ने कथित तौर पर इस सामग्री को छिपाने के लिए फ़रीदाबाद में दो अलग-अलग स्थानों पर कमरे किराए पर लिए थे:
​धौज गाँव के एक किराए के कमरे से लगभग 360 किलोग्राम संदिग्ध अमोनियम नाइट्रेट और हथियार बरामद किए गए।
​फ़तेहपुर तागा (डेहर कॉलोनी) में मौलवी मोहम्मद इश्तियाक के घर के एक किराए के कमरे से 2,500 किलोग्राम से अधिक विस्फोटक और ज्वलनशील सामग्री मिली।
​पुलिस ने बताया कि विस्फोटक सामग्री में अमोनियम नाइट्रेट, अन्य रसायन, डेटोनेटर, तार, 20 टाइमर, बैटरी, रिमोट कंट्रोल, इलेक्ट्रॉनिक सर्किट और भारी धातु शामिल हैं। इसके अलावा, एक असाल्ट राइफल (Krinkov), एक पिस्तौल और गोला-बारूद भी ज़ब्त किया गया है।
​साज़िश और 'व्हाइट-कॉलर' कनेक्शन
​जांच एजेंसियों ने इसे "व्हाइट-कॉलर टेरर इकोसिस्टम" बताया है, जिसमें पढ़े-लिखे पेशेवर और छात्र शामिल हैं, जिनके तार पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और अंसार ग़ज़वात-उल-हिंद (Ansar Ghazwat-ul-Hind) जैसे प्रतिबंधित आतंकी संगठनों से जुड़े हैं।
​डॉ. मुज़म्मिल और उसके सहयोगियों, जिनमें दो अन्य डॉक्टर (डॉ. आदिल और डॉ. शाहीन) और एक मौलवी (मस्जिद का इमाम) शामिल हैं, को उनके विदेशी हैंडलरों ने निर्देश दिया था।
​सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, इन डॉक्टरों को इसलिए चुना गया क्योंकि उन्हें लगा कि "दिल्ली-एनसीआर में डॉक्टरों पर कोई शक नहीं करेगा।"
​जांच से पता चला है कि इस मॉड्यूल ने एनपीके खाद (NPK fertilizer) और अन्य सामग्री को आईईडी (IED) बनाने के लिए इकट्ठा किया था।
​यह भी पता चला है कि इस समूह ने कूटबद्ध संदर्भों और नामों का इस्तेमाल करके अपनी योजनाओं को अंजाम देने की तैयारी की थी, जिसमें "ऑपरेशन" शब्द का बार-बार उल्लेख किया गया था।
​दिल्ली रेड फ़ोर्ट ब्लास्ट से संभावित संबंध
​पुलिस सूत्रों ने बताया कि फ़रीदाबाद से विस्फोटक की बरामदगी के कुछ ही घंटों बाद सोमवार शाम को दिल्ली के लाल क़िले (Red Fort) के पास एक कार में हुए उच्च तीव्रता वाले विस्फोट के तार भी इस मॉड्यूल से जुड़े होने का संदेह है। जांचकर्ता उमर नामक एक अन्य संदिग्ध पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जो कथित तौर पर इस मॉड्यूल का हिस्सा था और जिसने विस्फोट को अंजाम दिया था।
​पुलिस फ़िलहाल इस बात की जांच कर रही है कि क्या अल-फ़लाह यूनिवर्सिटी की प्रयोगशाला सुविधाओं का इस्तेमाल RDX या अन्य उन्नत विस्फोटक बनाने के लिए किया गया था। फ़रीदाबाद पुलिस ने अल-फ़लाह यूनिवर्सिटी और आस-पास के इलाक़ों में 800 से अधिक कर्मियों के साथ व्यापक तलाशी और कॉम्बिंग अभियान शुरू कर दिया है। पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने पुष्टि की है कि बरामदगी जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा साझा किए गए इनपुट के आधार पर की गई है।

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