IND vs NZ 3rd ODI: न्यूजीलैंड ने रचा इतिहास, भारत में पहली बार जीती वनडे सीरीज; कोहली का शतक भी नहीं बचा सका हार
भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेला गया तीसरा और निर्णायक वनडे मुकाबला क्रिकेट इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया है। न्यूजीलैंड ने भारतीय सरजमीं पर वह कारनामा कर दिखाया है जो पिछले कई दशकों में दुनिया की दिग्गज टीमें नहीं कर पाई थीं। कीवी टीम ने भारत को उसी के घर में हराकर पहली बार द्विपक्षीय वनडे सीरीज अपने नाम कर ली है। इस मैच में विराट कोहली के शानदार शतक और अर्शदीप सिंह की धारदार गेंदबाजी पर डेरिल मिचेल और ग्लेन फिलिप्स की जुझारू पारियां भारी पड़ीं।
मैच का लेखा-जोखा: कोहली का 'विराट' प्रहार
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत सधी हुई रही। हालांकि, सलामी बल्लेबाजों के जल्दी आउट होने के बाद सारा दारोमदार किंग कोहली के कंधों पर आ गया। विराट कोहली ने एक बार फिर साबित किया कि उन्हें 'चेज मास्टर' के साथ-साथ 'संकटमोचक' क्यों कहा जाता है।
कोहली की पारी: विराट ने कीवी स्पिनरों और तेज गेंदबाजों के खिलाफ बेहतरीन फुटवर्क का प्रदर्शन करते हुए अपना शानदार शतक जड़ा। यह उनके करियर का एक और क्लासिक शतक था, जिसमें उन्होंने गैप्स का बखूबी इस्तेमाल किया।
मध्यक्रम का साथ: मध्यक्रम में कुछ छोटी लेकिन उपयोगी साझेदारियां हुईं, जिससे भारत ने निर्धारित 50 ओवरों में एक चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया।
न्यूजीलैंड की जवाबी कार्रवाई: मिचेल और फिलिप्स का तूफान
लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम ने शुरुआत में लड़खड़ाने के बाद गजब का जज्बा दिखाया। भारतीय तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने शुरुआती स्पेल में घातक गेंदबाजी करते हुए कीवी टॉप ऑर्डर को झकझोर दिया था, लेकिन उसके बाद असली खेल शुरू हुआ।
डेरिल मिचेल की सूझबूझ: मिचेल ने एक छोर थामे रखा और स्पिनरों के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने दबाव को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया।
ग्लेन फिलिप्स का फिनिशिंग टच: फिलिप्स ने अंतिम ओवरों में अपनी ताकत का परिचय देते हुए भारतीय गेंदबाजों की लय बिगाड़ दी। उन्होंने मैदान के हर कोने में शॉट लगाए और मैच को भारत की पकड़ से दूर ले गए।
अर्शदीप सिंह का संघर्ष
भारत की ओर से अर्शदीप सिंह सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने न केवल विकेट चटकाए बल्कि रन गति पर भी लगाम लगाने की कोशिश की। लेकिन दूसरे छोर से अपेक्षित सहयोग न मिलने और कीवी बल्लेबाजों की निडर बल्लेबाजी के कारण अर्शदीप का स्पेल जीत में तब्दील नहीं हो सका।