Cipla Share Price Today: सिप्ला के शेयरों में भारी गिरावट: USFDA की 'ऑब्जर्वेशन' ने बढ़ाई निवेशकों की चिंता, जानें पूरा मामला
भारतीय फार्मा दिग्गज सिप्ला (Cipla) के निवेशकों के लिए आज का दिन काफी उथल-पुथल भरा रहा। अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (USFDA) द्वारा सिप्ला के एक महत्वपूर्ण पार्टनर, फार्माथेन इंटरनेशनल (Pharmathen International) की फैसिलिटी पर कुछ 'ऑब्जर्वेशन' (आपत्तियां) जारी करने के बाद सिप्ला के शेयरों में करीब 5% तक की गिरावट दर्ज की गई।
क्या है पूरा मामला?
CNBC-TV18 की रिपोर्ट के अनुसार, USFDA ने हाल ही में फार्माथेन इंटरनेशनल के प्लांट का निरीक्षण किया था। फार्माथेन, सिप्ला के लिए एक प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग पार्टनर है, जो अमेरिकी बाजार के लिए कुछ महत्वपूर्ण दवाओं की आपूर्ति में मदद करता है। निरीक्षण के बाद रेगुलेटर ने कुछ टिप्पणियां जारी की हैं, जिन्हें बाजार में निगेटिव सेंटीमेंट के तौर पर देखा जा रहा है।
फार्मा सेक्टर में USFDA की आपत्तियों का सीधा मतलब होता है कि संबंधित दवाओं की लॉन्चिंग में देरी हो सकती है या मौजूदा सप्लाई चेन बाधित हो सकती है। सिप्ला के मामले में, यह पार्टनरशिप कंपनी के 'कॉम्प्लेक्स जेनेरिक्स' पोर्टफोलियो के लिए बेहद अहम मानी जाती है।
बाजार पर असर और शेयरों की चाल
खबर के सार्वजनिक होते ही सिप्ला के शेयरों में बिकवाली का दबाव बढ़ गया:
इंट्राडे गिरावट: शेयर की कीमत लगभग 4.8% से 5% तक लुढ़क गई।
मार्केट कैप में कमी: गिरावट के कारण कंपनी के बाजार पूंजीकरण (Market Cap) को करोड़ों का नुकसान हुआ।
सेक्टर का दबाव: इस खबर का असर अन्य फार्मा शेयरों पर भी देखने को मिला, जिससे निफ्टी फार्मा इंडेक्स में भी सुस्ती रही।
एक्सपर्ट्स की राय: क्यों डरे हैं निवेशक?
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि सिप्ला पिछले कुछ समय से अपने प्रमुख प्लांट (जैसे इंदौर के पीथमपुर प्लांट) पर पहले से ही रेगुलेटरी चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे में एक प्रमुख पार्टनर के प्लांट पर USFDA की सख्ती कंपनी की 'पाइपलाइन' (आगामी दवाओं) के लिए बड़ा झटका हो सकती है।
विशेष रूप से, अमेरिका सिप्ला के लिए एक बड़ा राजस्व स्रोत है। किसी भी तरह की रेगुलेटरी बाधा सीधे तौर पर कंपनी के भविष्य के मुनाफे और मार्जिन को प्रभावित कर सकती है।