Budget 2026 Expectations: क्या इस बार मिडिल क्लास की चमकेगी किस्मत? जानें इनकम टैक्स स्लैब और सैलरीड क्लास की 5 बड़ी उम्मीदें
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का पूर्ण बजट (Union Budget 2026-27) पेश करने जा रही हैं। जैसे-जैसे बजट की तारीख नजदीक आ रही है, देश के करोड़ों नौकरीपेशा (Salaried) और मध्यम वर्ग (Middle Class) के लोगों की धड़कनें बढ़ गई हैं। पिछले साल के बजट में ₹12 लाख तक की आय को टैक्स-फ्री करने के बाद, इस बार उम्मीदें और भी बड़ी हैं।
1. इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव की सुगबुगाहट
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार New Tax Regime को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए स्लैब में सुधार कर सकती है। वर्तमान में ₹24 लाख से अधिक की आय पर 30% टैक्स लगता है। कयास लगाए जा रहे हैं कि इस सीमा को बढ़ाकर ₹30 लाख किया जा सकता है, जिससे उच्च मध्यम वर्ग को बड़ी राहत मिलेगी।
2. स्टैंडर्ड डिडक्शन (Standard Deduction) में बढ़ोतरी
सैलरीड क्लास की सबसे बड़ी मांग स्टैंडर्ड डिडक्शन को लेकर है। वर्तमान में नई टैक्स व्यवस्था में यह ₹75,000 है। उद्योग संगठनों और टैक्स एक्सपर्ट्स का सुझाव है कि बढ़ती महंगाई को देखते हुए इसे बढ़ाकर ₹1,00,000 किया जाना चाहिए।
3. पुरानी टैक्स व्यवस्था (Old Tax Regime) का भविष्य
हालांकि सरकार का पूरा ध्यान नई टैक्स व्यवस्था पर है, लेकिन अभी भी लगभग 28% टैक्सपेयर्स पुरानी व्यवस्था में हैं। मांग की जा रही है कि धारा 80C के तहत निवेश की सीमा को ₹1.5 लाख से बढ़ाकर ₹2.5 लाख किया जाए, जो कि पिछले एक दशक से स्थिर है।
4. होम लोन और हेल्थ इंश्योरेंस पर राहत
रियल एस्टेट सेक्टर और होमबायर्स की उम्मीद है कि धारा 24(b) के तहत होम लोन के ब्याज पर मिलने वाली ₹2 लाख की छूट को बढ़ाया जाए। साथ ही, धारा 80D के तहत हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर मिलने वाली छूट को भी रिव्यु करने की जरूरत है।
5. क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
अर्थशास्त्रियों का मानना है कि सरकार 'डिस्पोजेबल इनकम' (हाथ में बचने वाला पैसा) बढ़ाने पर जोर दे सकती है ताकि घरेलू खपत (Consumption) को बढ़ावा मिले। हालांकि, राजकोषीय घाटे (Fiscal Deficit) को नियंत्रित रखना भी सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती होगी।