Samsung Leads Market, Xiaomi Climbs to Third Position as India Tablet Shipments Decline 19.7 Percent in Q3 2025: IDC
Shipments of slate tablets fell sharply, while detachables saw modest growth in Q3 2025.
Sat, 6 Dec 2025
अंतर्राष्ट्रीय डेटा कॉर्पोरेशन (IDC) द्वारा जारी नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, तीसरी तिमाही (Q3) 2025 में भारत के टैबलेट बाज़ार में पिछले वर्ष की तुलना में 19.7 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई है। इस तिमाही में कुल 1.33 मिलियन (13.3 लाख) यूनिट्स की शिपमेंट हुई, जो बाज़ार के लिए एक चिंता का विषय है। हालांकि, इस नकारात्मक रुझान के बावजूद, बाज़ार में प्रतिस्पर्धा दिलचस्प रही, जिसमें Samsung ने अपनी शीर्ष स्थिति बनाए रखी और Xiaomi ने पहली बार शीर्ष तीन कंपनियों में जगह बनाई।
बाज़ार में शीर्ष कंपनियों का प्रदर्शन
बाज़ार हिस्सेदारी के मामले में, Samsung ने Q3 2025 में 37.5 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ अपना नेतृत्व कायम रखा। कंपनी ने न केवल उपभोक्ता सेगमेंट (32.6%) में बल्कि वाणिज्यिक सेगमेंट (49.7%) में भी दबदबा बनाए रखा। Samsung के इस मजबूत प्रदर्शन का श्रेय सार्वजनिक क्षेत्र के शिक्षा प्रोजेक्ट्स और ऑनलाइन चैनलों में आक्रामक स्टॉक बिक्री को जाता है।
Lenovo 16.8 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ दूसरे स्थान पर रहा। कंपनी ने उपभोक्ता सेगमेंट में 19.3 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करके मजबूत बढ़त बनाई।
इस तिमाही की सबसे बड़ी खबर Xiaomi की रही, जिसने 15.5 प्रतिशत बाज़ार हिस्सेदारी के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। Xiaomi का प्रदर्शन मुख्य रूप से उपभोक्ता सेगमेंट (21.8% हिस्सेदारी) में शानदार रहा, जिसका कारण ऑनलाइन बिक्री इवेंट्स के दौरान दी गई प्रतिस्पर्धी कीमतें, आकर्षक एक्सचेंज बोनस और बंडल एक्सेसरीज़ थे।
शीर्ष 5 की सूची में Apple 9.2 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ चौथे स्थान पर और Acer 7.9 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ पाँचवें स्थान पर रहा, जिसे शिक्षा-केंद्रित प्रोजेक्ट्स से समर्थन मिला।
गिरावट का मुख्य कारण वाणिज्यिक सेगमेंट
IDC की रिपोर्ट के अनुसार, बाज़ार में यह बड़ी गिरावट मुख्य रूप से वाणिज्यिक (Commercial) शिपमेंट में आई भारी कमी के कारण हुई। वाणिज्यिक सेगमेंट में सालाना आधार पर 53.5 प्रतिशत की जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई। रिपोर्ट में कहा गया है कि शिक्षा क्षेत्र से जुड़े बड़े टेंडर में देरी, छोटे और मध्यम आकार के व्यवसायों (SMBs) द्वारा बजट में कटौती, और उपकरणों को बदलने के चक्र में वृद्धि जैसे कारणों से संस्थागत मांग कमज़ोर हुई। अकेले शिक्षा के लिए डिप्लॉयमेंट में 61.9% और छोटे कार्यालयों की खरीदारी में 47.9% की गिरावट आई।
उत्पाद प्रकार के अनुसार, अलग किए जा सकने वाले (Detachable) टैबलेट में 7.3% की वृद्धि हुई, लेकिन स्लेट (Slate) टैबलेट में 29.4% की बड़ी गिरावट आई, जिसने समग्र बाज़ार को नीचे खींच दिया।
उपभोक्ता सेगमेंट में रिकॉर्ड तोड़ तेज़ी
समग्र गिरावट के विपरीत, उपभोक्ता सेगमेंट ने अपनी सबसे मजबूत वृद्धि दर्ज की। इस सेगमेंट में साल-दर-साल 13.5 प्रतिशत की शानदार वृद्धि हुई, जो एक दशक से अधिक समय में इसका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। यह वृद्धि मुख्य रूप से त्योहारी सीज़न में मजबूत मांग, विक्रेताओं द्वारा दिए गए बड़े डिस्काउंट, बैंक प्रमोशन और एक्सचेंज ऑफर्स से प्रेरित थी। ऑनलाइन ई-टेल चैनल ने विशेष रूप से अच्छा प्रदर्शन किया, जिसमें 53.9% की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई। यह दिखाता है कि भारत में टैबलेट खरीदने के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की भूमिका कितनी तेज़ी से बढ़ रही है।
बाज़ार का भविष्य और संभावनाएं
IDC के विश्लेषकों का मानना है कि टैबलेट बाज़ार लचीला बना हुआ है और उपभोक्ता तथा वाणिज्यिक दोनों परिवेशों में विकास के अवसर उभर रहे हैं। जैसे-जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) क्षमताओं को टैबलेट में एकीकृत किया जा रहा है, वे अधिक उत्पादक डिवाइस के रूप में विकसित हो रहे हैं। इसके अलावा, पर्सनल कंप्यूटर (PC) की बढ़ती कीमतों के कारण, टैबलेट पहली बार खरीदने वालों और लागत-प्रभावी समाधान चाहने वालों के लिए एक व्यवहार्य विकल्प बन सकते हैं, जिससे भविष्य में बाज़ार को गति मिल सकती है।
